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Monday, 13 March 2017

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की जानकारी | Indian Flag History In Hindi Important Questions and Answers

प्रिय मित्रों, आज हम आपके प्रतियोगी परीक्षा के सामान्य ज्ञान के तहत बहुत ही उपयोगी टाॅपिक भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की जानकारी Indian Flag History In Hindi Important Questions and Answers पर अध्ययन सामग्री प्रस्तुत कर रहे है। वैसे तो इस टाॅपिक पर विस्तार से जानकारी उपलब्ध है परंतु हम यहां केवल उन जानकारी को शेयर कर रहे जो प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जा सकने वाले Indian National Symbol प्रश्नों पर आधारित है।
The National Flag of India
The National Flag of India

1. ब्रिटिश राज से 15 अगस्त 1947 को आज़ाद होने के कुछ दिनों पहले ही भारत के राष्ट्रीय ध्वज को निर्वाचक असेंबली ने 22 जुलाई 1947 को स्वीकारा था।

2. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को तिरंगा 'Tiranga' भी कहा जाता है।


3. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज आयताकार चौड़ा है, जिसमे तीन समान भाग में तीन पट्टियाँ बनायी गयी है। सबसे उपरी भाग पर केसरी पट्टी , मध्य भाग पर सफ़ेद पट्टी और निचले भाग पर हरे रंग की पट्टी है।

4. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के बीच की सफ़ेद पट्टी में एक नीला चक्र है जिसे अशोक चक्र के नाम से भी जाना जाता है, इस अशोक चक्र में कुल 24 तीलियाँ है।
Q. What is the meaning of ASHOK CHAKRA IN INDIAN NATIONAL FLAG?/ Why Ashoka Chakra has 24 spokes?
The 24 spokes of the Dharmachakra represent:
  1. Love
  2. Courage
  3. Patience
  4. Peacefulness
  5. Magnanimity
  6. Goodness
  7. Faithfulness
  8. Gentleness
  9. Selflessness
  10. Self-control
  11. Self sacrifice
  12. Truthfulness
  13. Righteousness
  14. Justice
  15. Mercy
  16. Gracefulness
  17. Humility
  18. Empathy
  19. Sympathy
  20. Spiritual knowledge
  21. Moral Values
  22. Spiritual Wisdom
  23. The fear of God
  24. Faith or Believe or Hope


5. भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की चौड़ाई का अनुपात 2/3 है। 

Indian National Flag Meaning

(A) Indian Flag Colors – केसरिया रंग : निस्वार्थता, धार्मिक एकता और ताकत, राष्ट्रिय एकता, हिम्मत और साहस का प्रतीक
(B) Indian Flag Colors – सफ़ेद रंग : ईमानदारी, शुद्धता, स्वच्छता , ज्ञान, सच्चाई और शांति का प्रतीक
(C) Indian Flag Colors – हरा रंग : विश्वास, फलदायकता और समृद्धि, स्थिर और त्योहारों का प्रतीक

6. अशोक चक्र - राष्ट्रीय ध्वज लगा धर्म चक्र 3rd Century के मौर्य शासक अशोक के सारनाथ स्तम्भ से लिया गया है। यह धर्म चक्र जीवन साइकिल (चक्र) और मृत्यु की गतिहीनता को सिद्ध करता है।

7. भारत के राष्ट्रीय ध्वज में शुरू से लेकर आज तक बहुत से बदलाव किये गए है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी बदलाव देश की आज़ादी के पहले ही किये गए थे।

8. 1904 से 1906 के बीच भारत का पहला राष्ट्रीय ध्वज स्वामी विवेकानंद की आयरिश भक्त 'भगिनी निवेदिता' द्वारा बनाया गया था।

9. द्वितीय  राष्ट्रीय ध्वज पेरिस में मैडम कामा द्वारा 1907 में लहराया गया था। 

10. तृतीय  राष्ट्रीय ध्वज 1917 में लहराया गया था। 

11. 22 जुलाई 1947 को चुनाव सभा (Electoral assembly) ने आज़ाद भारत के ध्वज को स्वीकार किया था।  कांग्रेस का राष्ट्रीय ध्वज महात्मा गांधी जी के चरखे की जगह सम्राट अशोक के शासनकाल के अशोक चक्र को ध्वज के बीच में लगाया गया। यह राष्ट्रीय ध्वज का अंतिम बदलाव था।

12.  राष्ट्रीय ध्वज को सांप्रदायिक लाभ, पर्दें या वस्‍त्रों के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता है। जहां तक संभव हो इसे मौसम से प्रभावित हुए बिना सूर्योदय से सूर्यास्‍त तक फहराया जाना चाहिए।

13. ध्वज कोड/ध्‍वज संहिता- 26 जनवरी 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया भारतीय राष्ट्रीय ध्वज कोड में आज़ादी के बहुत सालो बाद बदलाव किया गया था, जिसमे भारत के नागरिको को यह अधिकार दिया गया कि वे अपने घर, ऑफिस और फैक्ट्री में न केवल राष्‍ट्रीय दिवसों पर, बल्कि किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के राष्ट्रीय ध्वज फहरा सकते है। आज हम भारतीय शान से हमारे घर या ऑफिस पर कभी-कभी भारतीय ध्वज लहरा सकते है।

अधिक जानकारी के लिए भारतीय ध्‍वज संहिता देखें। (पीडीएफ फाइल जो नई विंडों में खुलती है।) 
भारत के गणतंत्र की यात्रा
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