Wednesday, 4 January 2017

अक्षय पात्र फाउंडेशन -हर बात जो आप जानना चाहते है

Akshaya Patra Foundation in Hindi

[लेख अंतिम बार संशोधित- 03.01.2017]
Hello Readers, आज हम आपको Akshaya Patra Foundation  (अक्षय पात्र संस्थाNGO) के बारे में विस्तार से हिन्दी में जानकारी बता रहे है जो आजकल दुनिया के सबसे बड़े National School Lunch Program द्वारा हमारे भारत देश में मूलभूत सुविधा से वंचित बच्चों को mid day meal के नाम से खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में इसके बारे में भी प्रश्न पूछे गये है। इस टाॅपिक पर हम एक क्विज भी लेकर आ रहे है जो अलग से आपको उपलब्ध करायी जायेगी। यहां हम अक्षय पात्र फाउण्डेशन lunch program के बारे में मूल बातों को जान लेते है।

जानिये दुनिया के सबसे बड़े School Lunch Program: अक्षय पात्र के बारे में

रीडर्स आप सभी जानते है कि विगत कुछ वर्षो के दौरान भारत के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में जो बढ़ोतरी देखने को मिल रही है उसका बहुत बड़ा श्रेय हम अक्षय पात्र फाउण्डेशन को भी दे सकते है। जिसने न केवल पेट भरने के लिए प्रयासरत कठोर श्रम करने वाले नन्हें मुन्ने बच्चों के हाथों में कागज और पेंसिल थमाई बल्कि उनके लिए अच्छा ताजा और पौष्टिक खाना भी बनाया। इस महान संस्था का एकमात्र vision इस प्रकार परिलक्षित है (देश में कोई भी गरीब बच्चा भूख की वजह से अपनी पढाई नहीं छोडे)-

"भारत देश का कोई भी नन्हा बच्चा भूख की वजह से शिक्षा रूपी ज्ञान को लेने से वंचित नहीं होगा"।


अक्षय पात्र का अर्थ जानिये

दोस्तो अगर हम धार्मिक रूप से जाने तो अक्षय पात्र एक चमत्कारिक ताम्बे का पात्र है जो ऋषि-मुनियों के पास मिलता है। हिन्दू ग्रंथ महाभारत में भी एक कथा है और इस पात्र के बारे में उल्लेख किया गया है, वर्णित है। अक्षय का अर्थ होता है जिसका कभी क्षय या नाश न हो। दरअसल, एक ऐसा पात्र जिसमें से कभी भी अन्न और जल समाप्त नहीं होता, इसकी कमी नहीं होती है। 

अक्षय पात्र नाम भी वहीं से लिया गया है और उस दिव्य पात्र के भोजन की तरह ही इस संस्था की भी कोशिश है कि उनके द्वारा लगातार ज़रूरतमंद लोगों तक भोजन पहुँचता रहे। भारत के साथ साथ एशिया का सबसे बड़ा रसोई कहा जाने वाला अक्षय पात्र देश व समाज के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उल्लेखनीय योगदान के लिए इसका नाम आज लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अंकित किया गया है तथा काफी सराहा गया है।

अक्षय पात्र फाउण्डेशन की शुरुआत का इतिहास


अक्षय पात्र फाउण्डेशन की शुरुआत जून 2000 में श्री मधु पंडित दास (Student of IIT Bombay) द्वारा की गयी थी। अक्षय पात्र फाउण्डेशन की शुरुआत का इतिहास एक करुण कथा के साथ आरम्भ होता है। जून 2000 में कार्यक्रम शुरु किया गया था।

जिस समय ये पढ़ाई कर रहे थे उसी समय में वे ISKCON Temple के साथ भी जुड़े थे। असल में बात ये थी की वे ISKCON के फाउंडर A. C. Bhaktivedanta Swami Prabhupada जी के जीवन से बहुत ही प्रभावित थे। वर्तमान में भी सभी ISKCON temples में निःशुल्क भोजन कराया जाता है। दोस्तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अपने struggle days में Steve Jobs भी भर पेट के खाना खाने के लिए अमेरिका में स्थित इस्कॉन टेम्पल जाया करते थे।

ISKCON से जुड़ने के बाद श्री मधु पंडित दास भी इन गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने लगे थे। इस महान शख्सियत ने ISKCON के बारे में स्कूलों के प्रिंसिपल और टीचर्स लोगों में जनचेतना जागृत की ओर विद्यालय में बच्चों को खाना खिलाने का निवेदन करने लगे। इन्ही incidents से प्रभावित हो कर श्री मधु पंडित दास ने वर्ष 2000 में Akshaya Patra Foundation की शुरुआत की। श्री मधु पंडित दास द्वारा भारत के बच्चों के लिए अक्षय पात्र द्वारा दी जा रही बेजोड़ सेवा के लिए पद्मश्री पुरस्कार से भी नवाजा गया है। इसके अलावा भी अक्षय पात्र को अपने सराहनीय कार्य के लिए दर्जनों अवार्ड्स मिलें हैं जिनके पुरस्कार सूची आप यहाँ देख सकते हैं।

कलकत्ता शहर के समीप ही मायापुर गाँव में एक दिन परम पूज्यनीय ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी प्रभुपाद ने खिड़की से बाहर बच्चों के एक समूह को फेंके हुए भोजन के लिए आवारा कुत्तों के साथ लड़ते देखा। इस छोटी सी परन्तु दिल झकजोर कर देने वाली घटना से जो कुछ हुआ वो सबकुछ आप पढ़ रहे है। 

सर्वप्रथम इस संस्था का गठन कर्नाटक के हुबली जिले में है, ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों की मदद करने के लिए किया गया था और धीरे.धीरे राज्य सरकार तथा कॉरपोरेट जगत की मदद मिलने से संस्था ने अब तक  11 राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। इस संस्था का मुख्य मकसद यही है कि देश में कोई भी गरीब बच्चा भूख की वजह से अपनी पढाई नहीं छोडे।

आपको बता दें कि अक्षय पात्र फाउंडेशन भारत में एक गैर.लाभकारी संगठन है जिसका मुख्यालय बेंगलुरू में है। अक्षय पात्र न केवल भूख से लड़ने के लिए बल्कि यह स्कूल में बच्चों को लाने के लिए भी प्रयासरत है। अक्षय पात्र फाउण्डेशन, भारत का Non-governmental organization है जो देश के 11 राज्यों के स्कूलों में लगभग 16,10,396  स्कूली छात्र-छात्राओं को रोज़ाना ताजा, पका, स्वास्थ्यकर भोजन निःशुल्क वितरित करता है। संस्था देश के 13529 विद्यालयों में Mid-Day Meal Programme चलाकर लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हेतु कार्यरत है।

अक्षय पात्र फाउण्डेशन का विस्तार


सरकारी स्कूलों में मिड डे मील को compulsory करते हुए वर्ष 2001 में माननीय उच्चत्तम न्यायालय आदेश आया कि:-

A basic entitlement of every child in every Government and Government assisted Primary Schools with a prepared Mid-day Meal with a minimum content of 300 calories and 8–12 grams of protein each day of school for a minimum of 200 days.

इसके बाद सरकार ने तमाम सरकारी स्कूलों में Mid-day meal scheme implement करने के लिए अक्षय पात्र के साथ संवाद किया और इस स्कीम को कार्यान्वित किया।

अक्षय पात्र आज भारत सरकार एवं कई राज्य सरकारों के साथ साझेदारी और साथ ही कई समाज-सेवी दाताओं की उदारता के साथ दुनिया का सबसे बड़ा लंच फूड कार्यक्रम बन गया है। वर्तमान में यह सार्वजनिक-निजी -साझेदारी के आधार पर काम करते हुए भारत के 11 राज्यों में 27 स्थानों पर state-of-the-art kitchens के माध्यम से वर्तमान में लगभग 16,89,871 लाख बच्चों को रोजाना पौष्टिक खाना उपलब्ध करा रही है।

अक्षय पात्र  फाउंडेशन का प्रमुख उद्देश्य


अक्षय पात्र  फाउंडेशन का उद्देश्य इस बात से जान सकते है कि भारत में कुपोषण और दूसरी health problems की वजह से लाखों बच्चे बीच में ही school छोड़ देते है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में भारत में 61 लाख से भी ज्यादा बच्चे कुपोषण के शिकार है जो दुनिया की कुपोषित जनसंख्या की एक तिहाई है। आज के समय में कुपोषण भयंकर चिंता का विषय बन गया है। अक्षय पात्र  फाउंडेशन का यह कार्य भारत के कुपोषण मुक्त करने में भी कुछ हद तक मददगार साबित हो रहा है।

आप भी इस Non-profit organisation in India मुहीम का हिस्सा बन डोनेट कर सकते है और इस महान काम में अपनी तरफ से योगदान कर सकते है। आप सिर्फ 950 रु दान करके 1 hungry child का एक साल तक का खाना sponsor कर सकते हैं। अगर आप सक्षम हैं तो ज़रूर donate करें। Akshaya patra donation के लिए यहाँ क्लिक करें।

दोस्तो अक्षय पात्र फाउंडेशन के कर्मयोगियों पर हमें कुछ लाईने याद आ रही है जो रश्मि बंसल की 'सच हुए सपने' पुस्तक से ली गई है-

"पुस्तकों में बहुत सी जोशीली बातें लिखी हैं कि यदि आप इच्छा करते हैं, ऊंचा सोचते है, बड़ा सोचते है तो वैसा ही पा सकते है। यह ठीक नहीं है। कर्म की भी कुछ अवधारणा है, जो अपना काम करती है।"

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अक्षय पात्र  फाउंडेशन Motto: "Unlimited Food for Education"

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